
रोहतक, हरियाणा — 5 साल बाद।
रात का वक्त था। सांगवान हवेली को बेहद खूबसूरती से सजाया गया था। शायद कोई फंक्शन था। वहीं हॉल के बीचों-बीच अस्त्र अपनी गोद में एक 3 साल की बच्ची को लेकर खड़ा हुआ था। बेहद खूबसूरत लग रही थी वो पिंक कलर की फ्रॉक में, लिटिल क्यूट प्रिंसेस। उसके सामने टेबल पर एक बड़ा-सा केक रखा हुआ था और भी बहुत से गेस्ट थे। वहीं ऋवा उसकी बगल में खड़ी हुई थी।
अस्त्र उस बच्ची के गाल पर किस करते हुए बोला, “चलो, अब हम केक कट करेंगे। आज हमारी राहा पूरे 3 साल की हो गई है। हैप्पी बर्थडे बेटा।”
तू राहा अपनी तुतलाती हुई आवाज में बोली, “हैप्पी बर्थडे पापा।”
उसकी बात सुनकर अस्त्र और ऋवा दोनों के होठों पर मुस्कुराहट आ गई। अस्त्र ने राहा से बहुत प्यार से केक कट करवाया, तो राहा ने एकदम से अपना पूरा हाथ केक पर दे मारा और अपनी मुट्ठियों में केक भरकर उसने अस्त्र की तरफ बढ़ा दिया। अस्त्र के होठों की मुस्कुराहट और भी ज्यादा बड़ी हो गई।
राहा अपनी मासूम आंखों से अस्त्र को देख रही थी। अस्त्र ने धीरे से उसके हाथ पर लगा हुआ केक अपने मुंह में ले लिया और फिर थोड़ा-सा लेकर उसे खिलाते हुए बोला, “आप बहुत शैतान हो गई हो।”









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