
रोहतक, हरियाणा
रात का वक्त,
राहा चुपचाप अपना डिनर कर रही थी और तक्षक की नजरें उसके ऊपर ही टिकी हुई थीं। राहा इरिटेट होकर बोली, "आप मुझे ऐसे देखना बंद करेंगे प्लीज? मैं खा नहीं पाऊंगी।"
तक्षक मुस्कुरा कर बोला, "मैंने तुम्हें खाने से रोका नहीं है महबूबा।"
राहा धीरे से बोली, "लेकिन आप जैसे देख रहे हैं, उस हिसाब से मेरा खाना मेरे गले से नहीं उतर रहा है।"
तक्षक हंसते हुए बोला, "मैं तो बस ये देख रहा हूं कि तुम कितना धीरे खा रही हो, थोड़ा जल्दी करो ना। वैसे कुछ और भी प्लानिंग की है क्या तुमने? हमारे बेडरूम में..."
















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